मुंबई। मुंबई गैंगरेप के आरोपियों से पुलिस पिछले तीन दिनों से लगातार
पूछताछ कर रही है। मुंबई पुलिस के अधिकारी बारी बारी से सभी आरोपियों से
पूछताछ करने में जुटे हुए हैं। गुरुवार को देर शाम करीब आठ बजे जब जसलोक
अस्पताल से इस गैंगरेप की खबर एनएम जोशी मार्ग स्थित थाने में मिली थी तभी
तुरंत एक टीम ने जाकर पीड़िता और उसके मित्र से इस घटना की जानकारी ली और
उसके बयान दर्ज कराए। सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 34, 343, 341,
376 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने पीड़िता की जानकारी के आधार पर स्केच बनवाए। मुंबई पुलिस कमिश्नर में इस मामले की शुरुआत में ही बीस टीमें गठित कर दी थी। स्केच के आधार पर ही सबसे पहले जय भवानी नगर से CHAND SHEKH ARREST किया गया। उससे मिली जानकारी और मोबाइल की ट्रेसिंग से धोबी तलाओ से विजय जाधव को धर लिया गया। तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने अपने खबरियों का इस्तेमाल किया और मुंबरा से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले के मुख्य आरोपी कासिम बंगाली को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी मां पर कड़ी नजर रखी जो उसको टीवी से मिली जानकारी के आधार पर आगाह कर रही थी। जानकारी लेने के लिए जैसे ही कासिम ने अपनी मां को फोन किया पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में पता चल गया और नायर अस्पताल की चौथी मंजिल से से उसको भी धर लिया गया। अब इस मामले में पुलिस को केवल पांचवें और अंतिम आरोपी की तलाश थी। पुलिस को उसके दिल्ली में होने की जैसे ही खबर लगी तुरंत दिल्ली पुलिस को सतर्क कर दिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध कबूल किया है।
पुलिस ने पीड़िता की जानकारी के आधार पर स्केच बनवाए। मुंबई पुलिस कमिश्नर में इस मामले की शुरुआत में ही बीस टीमें गठित कर दी थी। स्केच के आधार पर ही सबसे पहले जय भवानी नगर से CHAND SHEKH ARREST किया गया। उससे मिली जानकारी और मोबाइल की ट्रेसिंग से धोबी तलाओ से विजय जाधव को धर लिया गया। तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने अपने खबरियों का इस्तेमाल किया और मुंबरा से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले के मुख्य आरोपी कासिम बंगाली को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी मां पर कड़ी नजर रखी जो उसको टीवी से मिली जानकारी के आधार पर आगाह कर रही थी। जानकारी लेने के लिए जैसे ही कासिम ने अपनी मां को फोन किया पुलिस को उसकी लोकेशन के बारे में पता चल गया और नायर अस्पताल की चौथी मंजिल से से उसको भी धर लिया गया। अब इस मामले में पुलिस को केवल पांचवें और अंतिम आरोपी की तलाश थी। पुलिस को उसके दिल्ली में होने की जैसे ही खबर लगी तुरंत दिल्ली पुलिस को सतर्क कर दिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध कबूल किया है।

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